प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को कांग्रेस के दिल्ली स्थित मुख्यालय में महासचिव का पद संभाला। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बात की। इससे पहले वे पति रॉबर्ट वाड्रा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर छोड़कर आई थीं।
आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश का जिम्मा सौंपा है। राहुल ने प्रियंका को 23 जनवरी को पार्टी के महासचिव का जिम्मा सौंपा था। बताया जा रहा है कि राहुल और प्रियंका जल्द ही उत्तर प्रदेश में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।
राहुल-प्रियंका 10 को जा सकते हैं इलाहाबाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 फरवरी को बसंत पंचमी के मौके पर राहुल और प्रियंका इलाहबाद जा सकते हैं। इसके बाद ही दोनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी संभव है। इसके अलावा राहुल ने प्रदेश के 13 अलग-अलग क्षेत्रों में 13 चुनावी रैलियां करने का कार्यक्रम तय किया है। उनकी पहली रैली फरवरी में लखनऊ में हो सकती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बाकी रैलियों की जगह तय होनी बाकी है।
प्रियंका को जो कमरा मिला, उसी में राहुल भी महासचिव के तौर पर बैठे थे
अकबर रोड पर स्थित कांग्रेस दफ्तर में प्रियंका कांग्रेस अध्यक्ष और अपने भाई राहुल गांधी के बगल वाले कमरे में बैठेंगी। राहुल ने भी कांग्रेस महासचिव बनने के बाद इसी कमरे से अपना सफर शुरू किया था। उस वक्त उनकी मां सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष थीं।
इस्मा की मांग है कि केंद्र को मिलों के लिए चीनी का न्यूनतम भाव बढ़ाकर 35-36 रुपये किलो करना चाहिए ताकि चीनी मिलें अपनी लागत वसूल सकें और गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान कर सकें. संगठन ने साथ ही कहा कि चीनी निर्यात भी अनुकूल गति से नहीं हो रहा.कई चीनी मिल आवंटित कोटा के मुकाबले या तो स्वेच्छा से निर्यात नहीं कर रही या यह उन्हें व्यवहारिक नहीं लग रहा है. इसीलिए निर्यात कोटा को लागू करने के लिए, सरकार कोटा को सही तरीके से अमल में लाए.
बीते 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करते हुए देश के कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने किसानों के लिए ''प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि'' योजना का ऐलान किया है. इस योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये की नकद मदद दी जाएगी. लेकिन यह मदद हासिल करने के लिए किसानों के पास आधार होना जरूरी होगा. हालांकि पहली किस्त के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं किया गया है. बता दें कि पहली किस्त के तहत किसानों को दो हजार रुपये की रकम दी जाएगी. इस योजना के तहत किसानों को 31 मार्च तक किस्त दे दी जाएगी.
केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों को भेजे पत्र में कहा है, पहली किस्त पाने के लिए आधार नंबर होना अनिवार्य नहीं है. इसके वैकल्पिक दस्तावेजों- ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र नरेगा, रोजगार कार्ड या केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य पहचान पत्र के आधार पर पहली किस्त दी जा सकती है. वहीं दूसरी और उसके बाद की किस्त के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा.
पात्र किसानों को दोहराव न हो, इसके लिए कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों को सुनिश्चित करने को कहा है. राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे गांवों में लाभार्थी छोटे और सीमान्त किसानों का डाटाबेस बनाएं. राज्यों से ऐसे किसानों का ब्यौरा - नाम, स्त्री हैं या पुरुष, एससी-एसटी, आधार, बैंक खाता संख्या और मोबाइल नंबर जुटाने को कहा है. बता दें कि केंद्र ने छोटे और सीमान्त किसानों को पति, पत्नी, 18 साल तक के नाबालिग बच्चों के हिसाब से परिभाषित किया है.
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