Monday, March 11, 2019

सोशलः होली से पहले Surf Excel के पीछे पड़े लोग

'होली रंगों का त्यौहार है. होली के रंगों के साथ आपसी मनमुटाव, दुश्मनी और भेदभाव इन सभी को दूर कर हम एक दूसरे को प्यार के रंग में रंग देते हैं.'

बचपन में होली पर निबंध लिखते हुए हम अक्सर इन पंक्तियों का इस्तेमाल करते थे. होली को आने में अभी कुछ दिन बाकी हैं और इसी के साथ बाज़ार भी होली के रंग में रंगने लगा है.

होली की इन्हीं तैयारियों के बीच अचानक से कपड़े धोने वाला पाउडर और साबुन बनाने की कंपनी सर्फ़ एक्सेल सुर्खियों में आ गई.

वैसे तो होली खेलने के बाद लोगों को 'सर्फ़ एक्सेल' के याद आती थी लेकिन इस बार मामला कुछ अलग ही हो गया. सोशल मीडिया पर एक हैशटेग #BoycottSurfExcel लगातार ट्रेंडिंग टॉपिक बना हुआ है.

क्या है इस विज्ञापन में
सबसे पहले आपको उस विज्ञापन के बारे में बताते हैं. महज़ एक मिनट के इस विज्ञापन में एक छोटी सी बच्ची अपनी साइकिल पर जा रही है और उस पर कुछ बच्चे रंग भरे गुब्बारे मार रहे हैं.

बच्ची खुशी-खुशी सभी गुब्बारे अपने ऊपर गिरने देती है और जब सभी गुब्बारे ख़त्म हो जाते हैं तब उसकी साइकिल एक घर के बाहर रुकती है और वह बच्ची एक छोटे बच्चे से कहती है कि बाहर आ जा, सब खत्म हो गया.

यह बच्चा सफ़ेद कुर्ता-पयजामा पहने हुए है. बच्ची उसे अपनी साइकिल पर बैठाकर एक मस्जिद के बाहर छोड़ आती है. मस्जिद में जाते वक़्त बच्चा कहता है कि वह नमाज़ पढ़कर आएगा.

इस पर बच्ची जवाब देती है कि बाद में रंग पड़ेगा तो बच्चा भी खुशी में सिर हिला देता है. इसके साथ ही विज्ञापन खत्म हो जाता है.

इस विज्ञापन को अभी तक 80 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है. विज्ञापन के साथ एक हैशटेग लिखा है #RangLayeSang.

विज्ञापन पर विवाद
कई दक्षिणपंथी विचारधारा वाले समूहों और लोगों ने इस विज्ञापन का विरोध किया है. उनका मानना है कि विज्ञापन के ज़रिए होली के त्योहार को ग़लत तरीके से प्रदर्शित किया गया है.

कई लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि इस विज्ञापन के ज़रिए हिंदू-मुस्लिम की दूरियों को दिखाया गया है. साथ ही यह बताने की कोशिश की गई है कि होली की वजह से दूसरे धर्म के लोग परेशान होते हैं.

फ़िल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने लिखा है, '' वैसे तो मैं क्रिएटिव आज़ादी का पक्षधर हूं. लेकिन मेरा प्रस्ताव है कि इस तरह के बेवकूफ़ कॉपीराइटर भारत जैसे धर्म निरपेक्ष देश में बैन हो जाने चाहिए जो यहां की गंगा-यमुना तहज़ीब से यमुना को अलग करना चाहते हैं.''

बाबा रामदेव ने लिखा है, ''हम किसी भी मजहब के विरोध में नहीं हैं, लेकिन जो चल रहा है उस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है, लगता है जिस विदेशी सर्फ से हम कपड़ों की धुलाई करते हैं अब उसकी धुलाई के दिन आ गए हैं?

आकाश गौतम ने इस विज्ञापन की शिकायत हिंदुस्तान यूनिलीवर में करने और कंपनी के ज़रिए माफ़ी मांगने की बात कही है.

संदीप देव ने लिखा है, ''समाज में नफ़रत घोलने वाले, त्यौहारों में भी हिंदू-मुसलमान करने वाले #HUL के #BoycottSurfExcel सही सभी प्रोडक्ट का बहिष्कार करो.''

शेखर चाहल ने सर्फ़ एक्सेल के पैकेट को जलाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया है और लिखा है कि मोहर्रम और बकरीद के खूनी रंगों से अच्छा है हमारी होली का रंग. हमारे हर त्यौहार में हिंदू मुस्लिम क्यों घुसेड़ रहे हो.

एक तरफ जहां बहुत से लोग सर्फ़ एक्सेल के इस विज्ञापन को हिंदू धर्म पर हमले के तौर पर देख रहे हैं और सर्फ एक्सेल के साथ-साथ हिंदुस्तान यूनीलीवर के तमाम उत्पादों के बहिष्कार की बात बोल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ इस विज्ञापन के समर्थन में भी कई लोग सामने आए हैं.

वासन बाला नामक एक शख़्स ने ट्विटर पर लिखा है कि वे इस विज्ञापन को बनाने वाली टीम का हिस्सा हैं और उन्हें इतना बेहतरीन विज्ञापन बनाने पर गर्व है.

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